PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana:अब बिजली बिल पर भारी बचत करें – सोलर सब्सिडी के साथ अपने घर को रोशन करें!

पीएम सोलर रूफटॉप योजना

प्रधानमंत्री सोलर रूफटॉप योजना, जिसे आधिकारिक तौर पर ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के नाम से जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा आवासीय घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई एक पहल है. इस योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली बिलों को कम करना और अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

योजना के मुख्य तथ्य

  • लांच तिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, 2024 को इस योजना की शुरुआत की.
  • उद्देश्य: योजना का मुख्य उद्देश्य आवासीय घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम्स की स्थापना को प्रोत्साहित करना है, जिससे बिजली बिलों में कमी और अक्षय ऊर्जा के उपयोग में वृद्धि हो.
  • आउटले: इस योजना के लिए कुल आउटले ₹75,021 करोड़ है.
  • लक्ष्य: योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम्स की स्थापना करना है.

योजना के लाभ

  1. बिजली बिल में बचत: घरेलू उपभोक्ता अपने बिजली बिलों में महत्वपूर्ण बचत कर सकते हैं.
  2. अतिरिक्त आय: सोलर रूफटॉप सिस्टम्स से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को डिस्कॉम्स को बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है.
  3. सब्सिडी: सरकार द्वारा सोलर पैनल्स की स्थापना पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे इसकी लागत में कमी आती है.

आवेदन प्रक्रिया

  1. पंजीकरण: इच्छुक घरेलू उपभोक्ता https://pmsuryaghar.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं.
  2. विवरण भरें: अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी, बिजली उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर और ईमेल पता दर्ज करें.
  3. सोलर रूफटॉप सिस्टम के लिए आवेदन करें: फॉर्म के अनुसार रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें.
  4. स्थापना और नेट मीटरिंग: स्थापना के बाद, नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें और डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण के बाद, कमीशनिंग सर्टिफिकेट प्राप्त करें.

सोलर पैनल्स की चयन प्रक्रिया

सोलर पैनल्स का चयन करते समय, उपभोक्ताओं को मोनोफेशियल या बाईफेशियल पैनलों में से चुनाव करना होता है। इन पैनलों की क्षमता, कंपनी, और कार्यक्षमता के आधार पर चयन किया जाता है.

सोलर रूफटॉप सिस्टम की कीमत

सोलर रूफटॉप सिस्टम की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने सोलर पैनल लगाना चाहते हैं और उनकी क्षमता क्या है। मोटे तौर पर, 1 किलोवाट क्षमता का छत सौर संयंत्र 72,000 रुपये से अधिक का हो सकता है और 3 किलोवाट का डेढ़ लाख रुपये से अधिक का.

सोलर रूफटॉप सिस्टम की तकनीकी जानकारी

सोलर रूफटॉप सिस्टम्स सूर्य की रोशनी को बिजली में परिवर्तित करते हैं। इन सिस्टम्स की तकनीकी जानकारी में पैनलों की क्षमता, इन्वर्टर की गुणवत्ता, और नेट मीटरिंग की सुविधा शामिल हैं। नेट मीटरिंग के माध्यम से, उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में वापस भेजा जा सकता है, जिससे उपभोक्ता को आय हो सकती है.

FAQs

Q1: पीएम सोलर रूफटॉप योजना के लाभ क्या हैं?
A1: बिजली बिल में बचत, अतिरिक्त आय का सृजन, और सब्सिडी के माध्यम से लागत में कमी.

Q2: सब्सिडी का विवरण क्या है?
A2: सरकार द्वारा सोलर पैनल्स की स्थापना पर विभिन्न स्तरों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे इसकी लागत में कमी आती है.

Q3: आवेदन प्रक्रिया क्या है?
A3: इच्छुक उपभोक्ता https://pmsuryaghar.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं और आवश्यक विवरण भरकर आवेदन कर सकते हैं.

Q4: पात्रता मानदंड क्या हैं?
A4: भारतीय नागरिकता, आवासीय स्थिति, और बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है.

Q5: रखरखाव और सुरक्षा के बारे में क्या?
A5: सोलर पैनल्स की देखभाल और रखरखाव के लिए विशेष दिशा-निर्देश होते हैं, और उपयोगकर्ताओं को इनका पालन करना चाहिए

Q6: सोलर रूफटॉप सिस्टम की कीमत क्या है?
A1: सोलर रूफटॉप सिस्टम की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने सोलर पैनल लगाना चाहते हैं और उनकी क्षमता क्या है। 1 किलोवाट क्षमता का छत सौर संयंत्र 72,000 रुपये से अधिक का हो सकता है.

Q7: सोलर पैनल्स का चयन कैसे करें?
A2: सोलर पैनल्स का चयन करते समय, उपभोक्ताओं को मोनोफेशियल या बाईफेशियल पैनलों में से चुनाव करना होता है, जिसमें उनकी क्षमता, कंपनी, और कार्यक्षमता को ध्यान में रखा जाता है.

Q8: सोलर रूफटॉप सिस्टम की तकनीकी जानकारी क्या है?
A3: सोलर रूफटॉप सिस्टम्स सूर्य की रोशनी को बिजली में परिवर्तित करते हैं। इन सिस्टम्स की तकनीकी जानकारी में पैनलों की क्षमता, इन्वर्टर की गुणवत्ता, और नेट मीटरिंग की सुविधा शामिल हैं

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